Surajpur School News: स्कूल में तालाबंदी के बाद 2 कर्मचारी सस्पेंड, प्राचार्य और व्याख्याता पर भी कार्रवाई की तैयारी; 100 किमी दूर अटैचमेंट

सूरजपुर, 18 सितंबर 2026। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलफिली में छात्र-छात्राओं की तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोपों में सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद और भृत्य पायल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, मामले में स्कूल के प्राचार्य और एक व्याख्याता की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
स्कूल में तालाबंदी की घटना के बाद नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद पर कर्मचारियों के वेतन संबंधी कार्यों में गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए।
विभाग के अनुसार, देवी प्रसाद के नियमित रूप से स्कूल नहीं आने और नशे की हालत में रहने संबंधी शिकायतों की भी पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया।
छात्रों के विरोध के बीच भृत्य पर भी कार्रवाई
विरोध प्रदर्शन के दौरान भृत्य पायल सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। विभाग के मुताबिक, पायल सिंह पर विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार करने और उन्हें कथित तौर पर उकसाने के आरोप हैं।
इन आरोपों के आधार पर विभाग ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है। हालांकि, मामले में अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका को लेकर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे जारी है।
प्राचार्य और व्याख्याता पर भी कार्रवाई की तैयारी
सिलफिली स्कूल में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर विद्यालय के प्राचार्य और एक व्याख्याता की कथित संलिप्तता का मुद्दा भी सामने आया है। शिक्षा विभाग ने दोनों की भूमिका के संबंध में उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह उच्च अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगा।
100 किलोमीटर दूर चांदनी-बिहारपुर में अटैचमेंट
निलंबन के बाद देवी प्रसाद और पायल सिंह का मुख्यालय भी बदल दिया गया है। दोनों को सिलफिली स्कूल से हटाकर करीब 100 किलोमीटर दूर चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के एक स्कूल में अटैच किया गया है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के शैक्षणिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल स्कूल में तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में विभागीय कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
