रायपुर ब्लू वॉटर खदान में तैरने की शर्त बनी जानलेवा, 400 फीट गहरे पानी में डूबा आदिल; 72 घंटे से रेस्क्यू, 9 मौतों के बाद अब खदान होगी प्रतिबंधित

राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव स्थित चर्चित ब्लू वॉटर खदान में दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे युवक के लिए तैरकर खदान पार करने की शर्त जानलेवा साबित हुई। मौदहापारा निवासी आदिल खान अपने दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर पहुंचा था। इसी दौरान आदिल और उसके एक दोस्त के बीच तैरकर खदान के इस पार से उस पार जाने की शर्त लगी। दोनों पानी में कूद गए। दोस्त तो किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
72 घंटे से SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन, 60 फीट तक ही पहुंच पा रहे गोताखोर
आदिल के डूबने की सूचना उसके दोस्तों ने तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही माना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF की टीम को बुलाया गया। हादसा बुधवार शाम हुआ था, लेकिन अंधेरा होने के कारण तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद से SDRF और पुलिस की टीम लगातार आदिल की तलाश में जुटी हुई है।
खदान की गहराई करीब 400 फीट तक बताई जा रही है, जबकि गोताखोर लगभग 60 फीट तक ही नीचे पहुंच पा रहे हैं। पानी की अत्यधिक गहराई और परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम को शव तलाशने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नौ साल में 9 मौतें, आदिल का शव मिलने पर आंकड़ा 10
ब्लू वॉटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के अनुसार 2017 से अब तक यहां 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है।
2017 में 17 वर्षीय युवती की मौत हुई थी। इसके बाद मई 2019 में एक युवक, मार्च 2023 में दो युवकों और जून 2023 में नदीम, फैजल और शहबाज की डूबने से मौत हुई। अक्टूबर 2025 में भी दो स्कूली छात्रों की जान चली गई थी।
अब आदिल खान के हादसे ने एक बार फिर ब्लू वॉटर खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि उसका शव बरामद होता है तो 2017 से अब तक यहां डूबने से मौतों का आंकड़ा 10 हो जाएगा।
लगातार हादसों के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला
ब्लू वॉटर में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि ब्लू वॉटर खदान को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके साथ ही खदान के चारों ओर मजबूत फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि लोग खतरनाक गहरे पानी तक नहीं पहुंच सकें।
मंत्री के मुताबिक, खदान की सुरक्षा को लेकर बाहर की टीम भी मौके पर पहुंची है और लगातार काम कर रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि भविष्य में कोई व्यक्ति खदान के आसपास पहुंचकर अपनी जान जोखिम में न डाले।
नीला पानी दिखता है खूबसूरत, लेकिन खतरा बेहद गहरा
बारिश के मौसम में ब्लू वॉटर खदान का साफ और नीला पानी लोगों को आकर्षित करता है। बड़ी संख्या में युवा यहां घूमने पहुंचते हैं। लेकिन खदान की अत्यधिक गहराई और अचानक गहराने वाले हिस्से इसे बेहद खतरनाक बनाते हैं।
आदिल के हादसे के बाद अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खदान क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोकने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की है। वहीं, SDRF की टीम 72 घंटे से आदिल की तलाश में जुटी है और शव बरामद करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
