पहली फील्ड पोस्टिंग में 1 करोड़ की रिश्वत का आरोप! कौन हैं IPS राहुल बंसल? UPSC में 377वीं रैंक, इनकम टैक्स अफसर से बने IPS

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के अंडर ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल इन दिनों एक कथित रिश्वत मामले को लेकर चर्चा में हैं। उन पर पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान 1 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। मामला दिल्ली की विशेष CBI अदालत तक पहुंच चुका है। अदालत ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और CBI निदेशक से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राहुल बंसल की शैक्षणिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, रिश्वत के आरोप अभी आरोप मात्र हैं और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
2022 बैच के IPS अधिकारी हैं राहुल बंसल
राहुल बंसल 2022 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी हैं। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में 377वीं रैंक हासिल की थी।यह उनका UPSC का पांचवां प्रयास था। EWS कैटेगरी के तहत उन्हें IPS सेवा आवंटित हुई।
उनके कुल 939 अंक थे। इनमें मेन्स में 801 और इंटरव्यू में 138 अंक मिले थे। उपलब्ध विवरण के मुताबिक इंटरव्यू में मिले 138 अंक अपेक्षाकृत कम माने गए थे।
राजस्थान के करौली से ताल्लुक
राहुल बंसल मूल रूप से राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में UPSC भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS) भी पास की थी और इसमें उनकी 45वीं रैंक रही थी।
UPSC की तैयारी के शुरुआती दौर में उन्हें लगातार असफलताओं का भी सामना करना पड़ा। शुरुआती चार प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा यानी Prelims में सफल नहीं हो सके थे।
IPS बनने से पहले थे इनकम टैक्स अधिकारी
IPS बनने से पहले राहुल बंसल आयकर विभाग में अधिकारी के तौर पर काम कर चुके हैं। नौकरी के साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी।
UPSC में सफलता से पहले उन्होंने SSC की भर्ती परीक्षा दो बार पास की थी। पहली बार उनका चयन इनकम टैक्स ऑफिसर के पद पर हुआ और उन्होंने नौकरी ज्वाइन भी की। इसी दौरान उनका चयन असिस्टेंट ऑडिट अकाउंट ऑफिसर के पद पर भी हुआ था।
कभी खुद दी थी 500 रुपए की रिश्वत
राहुल बंसल का एक पुराना मॉक इंटरव्यू भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपने जीवन की एक घटना साझा की थी। उन्होंने बताया था कि उनके भाई, जो IIT कानपुर में पढ़ते थे, उन्हें एक पेपर प्रेजेंटेशन के लिए अमेरिका जाना था। इसके लिए जल्द जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत थी। राहुल के मुताबिक समय कम होने और पंचायत सचिव की कथित टालमटोल के कारण उन्हें 500 रुपए की रिश्वत देनी पड़ी थी। उन्होंने इस घटना को एक लोक सेवक के आचरण को लेकर निराशाजनक अनुभव बताया था।
अब पहली फील्ड पोस्टिंग में रिश्वत के आरोप से घिरे
जिस अधिकारी ने कभी एक मॉक इंटरव्यू में रिश्वत देने के अपने अनुभव को साझा किया था, वही राहुल बंसल अब 1 करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के आरोपों को लेकर सुर्खियों में हैं।
मामला दिल्ली की विशेष CBI अदालत तक पहुंच चुका है और अदालत ने छत्तीसगढ़ DGP और CBI निदेशक से ATR मांगी है। अब इस मामले में जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
