छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना में बड़ा फेरबदल: धीरेंद्र साहू बने प्रदेश अध्यक्ष, दिलीप मिरी को संयोजक की जिम्मेदारी; लीगल टीम भी गठित

कोरबा। छत्तीसगढ़ में करीब एक दशक से सक्रिय गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (CKS) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया गया है। कोरबा में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस दौरान राजधानी रायपुर के तेजतर्रार सेनानी धीरेंद्र साहू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की गई।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र रथ वर्मा ने बताया कि कोरबा के घंटाघर चौक स्थित सियान सदन में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों जिला पदाधिकारियों और सेनानियों की मौजूदगी में बैठक हुई।
बैठक में 29 अगस्त को प्रस्तावित भोजली महोत्सव की तैयारियों सहित संगठन की आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। साथ ही प्रादेशिक त्योहारों को जिलेवार स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश टीम में बदलाव करते हुए धीरेंद्र साहू को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
दिलीप मिरी बने प्रदेश संयोजक, अतुल दास महंत कार्यकारी अध्यक्ष
बैठक में अधिवक्ता दिलीप मिरी को प्रदेश संयोजक बनाया गया। वहीं संगठन ने पहली बार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी तय की है। इसके तहत कोरबा के सेनानी अतुल दास महंत को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा उमगोपाल को प्रदेश उपाध्यक्ष चुना गया। बैठक में प्रदेश प्रभारी मोनी कठोत्रे, प्रदेश महामंत्री रूपेंद्र देवांगन और प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र रथ वर्मा सहित प्रदेशभर के पदाधिकारी मौजूद रहे।
CKS ने बनाई लीगल टीम, मुकदमों में मिलेगी कानूनी मदद
इस बार संगठन ने अपनी विधि एवं विधायी टीम भी गठित की है। अधिवक्ता सुनील मानिकपुरी को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल करते हुए उनकी लीगल टीम को संगठन से जोड़ा गया है।
संगठन का कहना है कि पिछले करीब एक दशक में उसके 200 से ज्यादा सेनानी विभिन्न मामलों में आरोपी बनाए गए और जेल गए। ऐसे मामलों में कानूनी लड़ाई और वैधानिक सलाह के लिए अधिवक्ताओं का पैनल अब संगठन के साथ मिलकर काम करेगा।
भोजली महोत्सव में महिलाओं की भूमिका पर रणनीति
बैठक में रायपुर से जिला पदाधिकारी नेहा वर्मा, जागेंद्र साहू, मनीष वर्मा और भामा साहू भी शामिल हुए। 29 अगस्त को होने वाले भोजली महोत्सव में महिलाओं की भूमिका को लेकर महिला सेनानियों से चर्चा की गई। बैठक में महिला टीम को मजबूत करने और आने वाले समय में संगठनात्मक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर कार्यशाला भी आयोजित की गई।
जल-जंगल-जमीन और स्थानीयता के मुद्दे पर जनजागृति का संकल्प
कोरबा, जांजगीर, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर समेत विभिन्न जिलों से पहुंचे सेनानियों ने छत्तीसगढ़ियावाद, जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। संगठन ने प्रदेशभर में इन मुद्दों को लेकर जनजागृति अभियान चलाने और स्थानीयता की महत्ता को लेकर लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
धीरेंद्र साहू बोले- ‘हर हद पार करेंगे’
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रादेशिकता को मजबूत करने के उद्देश्य से CKS का गठन हुआ है और इस लक्ष्य के लिए संगठन हर हद पार करेगा।
उन्होंने कहा कि पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए पूरा प्रदेश एकजुट हो रहा है और लोगों को स्थानीयता की महत्ता समझ में आ रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बड़ा बदलाव निश्चित है।
‘छत्तीसगढ़ियावाद की लड़ाई में कोई समझौता नहीं’
प्रदेश संयोजक अधिवक्ता दिलीप मिरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ियावाद की लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वाभिमान को ऊंचा करने के लिए CKS संकल्पित है।
प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र रथ वर्मा ने कहा कि संगठन जिन उद्देश्यों को लेकर बना था, उसमें लगातार सफलता मिल रही है। प्रदेश के पारंपरिक प्रतीकों, सांस्कृतिक और भाषाई अस्मिता को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़िया प्रथम’ की लड़ाई जारी रखने और युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।
29 अगस्त को भोजली महोत्सव
बैठक के अंत में CKS प्रदेश प्रभारी मोनी कठोत्रे ने प्रदेशवासियों से 29 अगस्त को आयोजित भोजली महोत्सव में शामिल होने की अपील की। संगठन ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय अस्मिता से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
