छत्तीसगढ़ सरकार और IIM रायपुर के बीच MoU, डेटा आधारित नीति निर्माण और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, राज्य नीति आयोग और भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य सुशासन, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, अनुसंधान, संस्थागत क्षमता विकास और सतत विकास को नई गति देना है।
समझौते पर राज्य नीति आयोग की ओर से सचिव भुवनेश यादव और आईआईएम रायपुर की ओर से निदेशक-प्रभारी प्रो. संजीव पराशर ने हस्ताक्षर किए। इसके तहत प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान, डेटा एनालिटिक्स, शोध, परामर्श और दस्तावेजीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।
अधिकारियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
एमओयू के तहत शासकीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, मिड-कैरियर एग्जीक्यूटिव और कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही इकोनोमेट्रिक्स, रिसर्च मेथडोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पब्लिक पॉलिसी, नेतृत्व और प्रबंधकीय कौशल जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डेटा आधारित नीति निर्माण पर रहेगा फोकस
दोनों संस्थान मिलकर नीति अनुसंधान, प्रभाव आकलन, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, बेंचमार्किंग, रणनीतिक परामर्श और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम करेंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की विकास प्राथमिकताओं से जुड़े शोध, केस स्टडी, पॉलिसी ब्रीफ और शोध रिपोर्ट भी तैयार की जाएंगी।
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
आईआईएम रायपुर के फैकल्टी और विद्यार्थी डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, गवर्नेंस इनोवेशन और एप्लाइड रिसर्च से जुड़े लाइव प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। विद्यार्थियों को समर इंटर्नशिप, फील्ड इमर्शन, लाइव कंसल्टिंग और कैपस्टोन प्रोजेक्ट के माध्यम से शासकीय योजनाओं के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा।
ज्ञान और विशेषज्ञता का होगा साझा उपयोग
एमओयू के तहत संयुक्त कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, पॉलिसी डायलॉग, स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन और राउंडटेबल आयोजित किए जाएंगे। साथ ही दोनों संस्थान अकादमिक संसाधन, शोध प्रकाशन, गैर-गोपनीय डेटा और तकनीकी विशेषज्ञता का भी आदान-प्रदान करेंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि यह समझौता छत्तीसगढ़ में नीति निर्माण और शासन व्यवस्था को अधिक शोधपरक, डेटा-आधारित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
