युकां चुनाव में बड़े दिग्गजों की घेराबंदी: ‘भूपेश बघेल बनाम ऑल’ की जंग; शुरुवाती रेफरल में देवेंद्र यादव पैनल आगे, भूपेश खेमे की बढ़ी चुनौती
रायपुर, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस (Youth Congress) के प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर संगठन के भीतर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस चुनाव के बहाने कांग्रेस के बड़े क्षत्रपों के बीच आपसी वर्चस्व की लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। शुरुआती रेफरल प्रक्रिया के जो आंकड़े छनकर बाहर आ रहे हैं, उसने मुकाबले को बेहद दिलचस्प और गुटीय जंग में तब्दील कर दिया है। संगठन के भीतर ‘भूपेश बघेल खेमे’ और ‘देवेंद्र यादव-महंत-सिंहदेव गठजोड़’ के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है।
शुरुआती आंकड़ों का गणित: बंजारे टॉप पर, बघेल खेमे के विनय शील पीछे
हालांकि संगठन ने इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के हवाले से जो शुरुआती रेफरल आंकड़े सामने आए हैं, वे इस प्रकार हैं:
| प्रत्याशी | गॉडफादर / खेमा | अनुमानित रेफरल |
| शैलेन्द्र बंजारे | देवेंद्र यादव पैनल (महंत-सिंहदेव समर्थित) | 317 (सबसे आगे) |
| प्रशांत बोकड़े | स्वतंत्र / अन्य | 224 |
| सोनू शर्मा | स्वतंत्र / अन्य | 221 |
| विनय शील | पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमा | 192 |
| लोकेश वशिष्ठ | अन्य | 183 |
इसके अलावा निखिलकांत साहू (168), हनी बग्गा (146) और साजल चंद्राकर (106) भी रेस में बने हुए हैं।
बड़े दिग्गजों की घेराबंदी: भूपेश बघेल बनाम ऑल
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि इस युवा कांग्रेस चुनाव में वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चर्चा है कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव के समर्थकों का पूरा झुकाव विधायक देवेंद्र यादव के पैनल की ओर है। यही वजह है कि उनके समर्थित प्रत्याशी शैलेन्द्र बंजारे 317 रेफरल के साथ सबसे आगे चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विनय शील फिलहाल 192 रेफरल के साथ चौथे नंबर पर खिसकते दिख रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यदि महंत और सिंहदेव का खेमा पूरी तरह एकजुट रहा, तो भूपेश खेमे के लिए वापसी करना मुश्किल होगा।
महंत-सिंहदेव समर्थकों का झुकाव बना चर्चा का विषय
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव के समर्थकों का झुकाव विधायक देवेंद्र यादव के पैनल की ओर है। यदि यह समर्थन अंतिम चरण तक बरकरार रहता है तो शैलेन्द्र बंजारे की स्थिति और मजबूत हो सकती है। हालांकि कांग्रेस संगठन की ओर से अब तक किसी भी उम्मीदवार के रेफरल आंकड़ों या नेताओं के समर्थन को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम तस्वीर रेफरल प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रदेश कांग्रेस की राजनीति पर भी पड़ सकता है असर
राजनीतिक सूत्रों की माने तो युवा कांग्रेस का यह चुनाव केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रदेश कांग्रेस के भीतर भविष्य के नेतृत्व और शक्ति संतुलन का संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की संभावनाओं को देखते हुए यह मुकाबला अलग महत्व रखता है। ऐसे में विभिन्न वरिष्ठ नेताओं के समर्थक अपने-अपने प्रभाव का प्रदर्शन करने में जुटे हैं।

