CG-थाने से पुलिस को चकमा देकर भागी महिला चोर; भड़के SP ने प्रधान आरक्षक समेत 3 को किया सस्पेंड
बालोद 6 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आ रही है। कोतवाली थाने की लॉकअप (पुलिस अभिरक्षा) से चोरी के मामले में गिरफ्तार एक महिला आरोपी पुलिसवालों की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद जहां एक तरफ पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस कप्तान (SP) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए महिला आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसे पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए कोतवाली थाने की अभिरक्षा (कस्टडी) में रखा गया था।
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन दोपहर के वक्त महिला आरोपी ने मौका पाकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों को गच्चा दिया और पलक झपकते ही थाने से रफूचक्कर हो गई। जब तक संतरी और वहां मौजूद स्टाफ को समझ आता, महिला काफी दूर निकल चुकी थी। कस्टडी से फरारी की खबर मिलते ही थाने में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया गया।
गाज गिरी: ये 3 पुलिसकर्मी हुए निलंबित
थाने से आरोपी के भाग जाने की इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी ने सख्त रुख अपनाया। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर लापरवाही पाए जाने के बाद एसपी ने ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
निलंबित होने वालों में शामिल हैं:
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शिवराम ध्रुव (प्रधान आरक्षक)
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उमेश निषाद (आरक्षक)
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पूर्णिमा ठाकुर (महिला आरक्षक)
चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी, विभागीय जांच भी शुरू
घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें फरार महिला आरोपी की तलाश में जुट गई हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला को जल्द ही दोबारा सलाखों के पीछे ले आया जाएगा। इसके साथ ही इस पूरे मामले की एक विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह साफ हो सके कि इतनी बड़ी चूक किस स्तर पर हुई और लॉकअप की सुरक्षा में सेंध कैसे लगी।”

