LIVE UPDATE

Bulldozer Action: सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर लगाई रोक, कहा- बुलडोजर चलाने वाले खुद को जज न समझें

Bulldozer Action: सुप्रीम कोर्ट ने डिमोलिशन यानी बुलडोजर एक्शन पर मंगलवार को रोक लगा दी है. यह रोक एक अक्टूबर तक के लिए लगाई गई है. कोर्ट का कहना है कि सार्वजनिक अतिक्रमण पर ही एक्शन होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 सितंबर, 2024) को देश में प्राधिकारियों को उसकी इजाजत के बिना आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्ति को ध्वस्त नहीं करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर अवैध रूप से ध्वस्तीकरण का एक भी मामला है तो यह हमारे संविधान के मूल्यों के विरुद्ध है. कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यह भी कहा कि बुलडोजर चलाने वाले खुद को जज न समझें।

ये खबर भी पढ़ें…
CM Vishnudeo Sai Delhi Visit : दिल्‍ली में अमित शाह से मिले सीएम विष्‍णुदेव साय, बस्‍तर के विकास की दी जानकारी, गृह मंत्री ने की सराहना
CM Vishnudeo Sai Delhi Visit : दिल्‍ली में अमित शाह से मिले सीएम विष्‍णुदेव साय, बस्‍तर के विकास की दी जानकारी, गृह मंत्री ने की सराहना
May 14, 2026
CG News: दिल्‍ली में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री विष्णुदेव साय की अहम बैठक हुई है....
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर राज्यों को निर्देश देते हुए कहा है कि बुलडोजर न्याय का महिमामंडन बंद होना चाहिए. कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अतिक्रमण हटाएं।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अवैध निर्माण पर तो नोटिस के बाद ही बुलडोजर चल रहे हैं. इस पर जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि सड़कों, गलियों, फुटपाथ या सार्वजनिक जगहों पर किए अवैध निर्माण को समुचित प्रक्रिया के साथ ढहाने की छूट रहेगी।

ये खबर भी पढ़ें…
NEET UG Re-Exam Date: 21 जून को होगी NEET की परीक्षा, NTA ने जारी की डेट
NEET UG Re-Exam Date: 21 जून को होगी NEET की परीक्षा, NTA ने जारी की डेट
May 15, 2026
NEET UG Re Exam Date: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट यूजी) 2026 री-एग्जाम की तारीख का ऐलान कर दिया...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

बता दें कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह बात कही।

Bulldozer Action: सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर तुषार मेहता ने कहा कि डिमोलिशन की कार्रवाई जहां हुई है, वो कानूनी प्रकिया का पालन करके हुई है. एक समुदाय विशेष को टारगेट करने का आरोप गलत है. एक तरह से गलत नैरेटिव फैलाया जा रहा है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस पर जस्टिस गवई ने कहा कि इस नैरेटिव से हम प्रभावित नहीं हो रहे हैं. हम ये साफ कर चुके हैं कि हम अवैध निर्माण को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है. हम एग्जीक्यूटिव जज नहीं बन सकते हैं. जरूरत है कि डिमोलिशन की प्रकिया स्ट्रीमलाइन हो।

जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि कोर्ट के बाहर जो बातें हो रही हैं, वो हमें प्रभावित नहीं करती. हम इस बहस में नहीं जाएंगे कि किसी खास समुदाय को टारगेट किया जा रहा है या नहीं. अगर गैरकानूनी डिमोलिशन का एक भी मसला है तो वो संविधान की भावना के खिलाफ है।

Related Articles